क्या हूं और कौन हूं मैं
मेरे होने का ऐहसास करा सकू मैं...
इक हवा का झोंका बनू
पास से गुजरू तो छू सकू मैं..
आवारा बंजारा बादल ही बनू
जहां भी रहो तो भी देख सकू मैं...
बारिशों के बूंदों में समा जाऊं
हथेली पे तेरी मोती सा चमकू मैं....
एक चुटकुला सा ही सही
मुस्कुराने की वजह तो बन सकू मैं...
@साकी
Wonderful Saki .. मुस्कुराने की वजह तो बन सकु मैं.... Classic
ReplyDeleteThanks 🙏
Deleteवाह वाह बहोत खूब 👍
ReplyDeleteशुक्रिया जी 🙏
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