Thursday, October 21, 2021

दिल्लगी

इक ख्वाब सा आगाज

जीने का बस इक ही जुनून,

तुमसे शुरू यह दास्तान

तुम्ही पे खतम ये कहानी...


यूंही हाथ छूटना तेरा कभी

दिल टूटने से कम ना लगा,

दो पल तेरा बिछड़ना भी

कजा से कम ना लगा...


सूखे पत्तो सा बिखर जाऊ

कभी नजरे ना फेर लेना,

चट्टान बना हू तेरी चाहत में

कभी आजमा के तो देख लेना...


आंखो से ओझल भले ही होना

बात इक याद हमेशा रखना,

दिल में मेरे कुछ ऐसे बसी हो

दुवा में मेरे तुम हमेशा रही हो...

@साकी

दिल्लगी

इक ख्वाब सा आगाज जीने का बस इक ही जुनून, तुमसे शुरू यह दास्तान तुम्ही पे खतम ये कहानी... यूंही हाथ छूटना तेरा कभी दिल टूटने से कम ना लगा, दो...