Tuesday, September 7, 2021

हम बस देखते रहे...

बड़े अरमानों से घटाओ को देखते रहे

आरजू लगाए हम बस देखते रहे...


ठंडी हवाओं के साए में झूमते रहे

फिजा के रुख को बदलते हम बस देखते रहे...


जमीं हमारी प्यास में झुलसती रही

बादलों को बरसते हम बस देखते रहे...


@ साकी

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